दिल्ली हाईकोर्ट ने Dr. जयंतीलाल देओपुजारी की NCISM अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को अवैध घोषित किया
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नई दिल्ली, जून 2025 — भारत की आयुष शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा झटका तब देखने को मिला जब दिल्ली हाईकोर्ट ने Dr. Jayant Deopujari की राष्ट्रीय आयुष आयोग (NCISM) के अध्यक्ष पद पर हुई नियुक्ति को गैरकानूनी घोषित कर दिया।
Medical Dialogues (PTI स्रोत) के अनुसार, कोर्ट ने ‘Writ of Quo Warranto’ को स्वीकार करते हुए स्पष्ट कहा कि Dr. Deopujari के पास MD या समकक्ष पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री नहीं है, जो इस पद के लिए अनिवार्य है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति को अगर देश के शीर्ष शैक्षणिक नियामक आयोग की अध्यक्षता दी जाती है, तो उसकी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और पारदर्शिता पूर्ण रूप से प्रमाणिक होनी चाहिए।
यह फैसला आयुष शिक्षा क्षेत्र में संवैधानिक मानकों, संस्थागत पारदर्शिता, और नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर एक बड़ी मिसाल माना जा रहा है।
Dr. Deopujari की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका में यह सवाल उठाया गया था कि जब नियम स्पष्ट रूप से MD या समकक्ष डिग्री की मांग करते हैं, तो कैसे उन्हें यह पद प्रदान किया गया। कोर्ट के इस फैसले से अब NCISM को नया अध्यक्ष नियुक्त करना होगा, और भविष्य की सभी नियुक्तियों में योग्यता की स्पष्टता सुनिश्चित करनी होगी।









