रायपुर, छत्तीसगढ़, भारत स्थित श्री के वी एल मल्टीस्पेशलिटी होम्योपैथिक क्लिनिक के अनुसार पित्त की थैली की पथरी का उपचार बिना ऑपरेशन भी संभव है। आमतौर पर गॉलस्टोन के मामलों में सर्जरी की सलाह दी जाती है, लेकिन क्लिनिक का कहना है कि उनकी होम्योपैथिक चिकित्सा शरीर की आंतरिक कार्यप्रणाली को संतुलित कर पथरी को धीरे-धीरे कम करने में सहायक हो सकती है।
क्लिनिक द्वारा दी जाने वाली औषधियों के बारे में दावा किया गया है कि वे पित्त के गाढ़ेपन को कम करने, सूजन व दर्द नियंत्रित करने तथा पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। क्लिनिक का यह भी कहना है कि उपचार से पहले मरीज की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और शारीरिक लक्षणों का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है ताकि व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जा सके।
कई मरीजों के केस-स्टडी होने का दावा करते हुए संस्थान ने बताया कि नियमित दवा और परहेज के साथ कुछ मामलों में पथरी में सुधार देखा गया। एक मरीज के अनुभव के अनुसार 10 मिमी की पथरी कुछ महीनों के उपचार के बाद रिपोर्ट में सामान्य पाई गई।
क्लिनिक के तीन ब्रांच बताए गए हैं —
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महतारी चौक, गोंदवारा रोड, गुढ़ियारी
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महादेव घाट रोड, सुंदर नगर (IDBI बैंक के सामने)
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होलिक्रास स्कूल, मित्तल हॉस्पिटल रोड, अवंति बाई चौक














