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UP CM योगी आदित्यनाथ ने हर ज़िले में 100‑बेड AYUSH वेलनेस सेंटर खोलने का किया ऐलान

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AYUSH University के शुभारंभ अवसर पर CM Yogi ने हर जिले में Minimum 100‑बेड AYUSH Health & Wellness Centre स्थापित करने, साथ ही नए कॉलेज खोलने की घोषणा की है।
UP CM योगी आदित्यनाथ ने हर ज़िले में 100‑बेड AYUSH वेलनेस सेंटर खोलने का किया ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में महायोगी गुरु गोरखनाथ AYUSH यूनिवर्सिटी के उद्घाटन अवसर पर एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब राज्य के हर ज़िले में 100-बेड वाले AYUSH Health & Wellness Centre स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में पंचकर्म, क्षारसूत्र, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा जैसी पारंपरिक पद्धतियों के माध्यम से मरीजों को समग्र और प्राकृतिक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम नियुक्त की जाएगी और प्रशिक्षित आयुष कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में एक ठोस कदम है, जिसमें हर नागरिक को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जाएगी।

 

योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि उन छह मंडलों में भी नए आयुष मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे जहां अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण और नियुक्तियों की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध रखा जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन वेलनेस सेंटर्स और कॉलेजों को न केवल इलाज के केंद्र के रूप में देखा जाएगा, बल्कि ये आयुष रिसर्च, हर्बल मेडिसिन उत्पादन, योग-प्रशिक्षण और रोजगार सृजन के प्रमुख केंद्र भी होंगे।

 

उन्होंने यह भी कहा कि पहले पारंपरिक चिकित्सा को केवल पूरक चिकित्सा पद्धति के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब आयुष को मुख्यधारा में लाया जा रहा है, जिससे भारत वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह पूरा मॉडल 'समग्र स्वास्थ्य देखभाल' के विचार पर आधारित है जिसमें दवाओं के साथ-साथ जीवनशैली, आहार, योग और मानसिक स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखा जाएगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को आयुष क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सशक्त बनाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल चिकित्सा सुविधा नहीं, बल्कि “आत्मनिर्भर भारत” और “स्वस्थ भारत” की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है।