तमिलनाडु सरकार लॉन्च करेगी Siddha आधारित फर्टिलिटी क्लिनिक
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चेन्नई के सरकारी Siddha अस्पताल में तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग जल्द ही एक पायलट Siddha-आधारित फर्टिलिटी क्लिनिक शुरू करेगा, जिसका ऐलान स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमणियन ने International Yoga Day के अवसर पर किया। यह पहल बढ़ती बांझपन (infertility) दर और निवेश की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर की जा रही है, ताकि युगल जो महंगे और invasive इलाज से बचना चाहते हैं, उन्हें सुलभ, किफ़ायती और पारंपरिक उपचार मिल सके। पहले राज्य में Chennai, Coimbatore और Salem में तीन ऑलोपैथिक फर्टिलिटी क्लिनिक बनाए गए थे, लेकिन अब Siddha चिकित्सा से संबंधित इलाज की दिशा में एक नया कदम उठाया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि Siddha की प्राचीन ग्रंथों में बांझपन निवारण के लिए औषधियाँ बताई गई हैं, और जल्द ही इसी सिद्धा ज्ञान को इस क्लिनिक में उपयोग में लाया जाएगा। सरकारी अस्पताल में यह क्लिनिक प्रारंभ में ओपीडी पर काम करेगा, लेकिन बाद में इसे एक पूर्ण रोलआउट मॉडल बनाने की योजना है। इस पहल के साथ सरकार Siddha मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना की भी तैयारी कर रही है, और नए विधेयक को विधानसभा में जल्द पेश करेगी ताकि Siddha शिक्षा को और मजबूत आधार मिल सके। यह कदम तमिलनाडु को वह पहला राज्य बनाता है जहाँ पारंपरिक प्रणाली को बांझपन इलाज के क्षेत्र में प्राथमिक प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि कुछ OB-GYN विशेषज्ञों ने कहा है कि अभी तक Siddha के बहु-क्लीनिकल ट्रायल उपलब्ध नहीं हैं , लेकिन Siddha चिकित्सक मानते हैं कि इससे निर्णायक और सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं, खासकर उन केसों में जहाँ आधुनिक तरीकों से सफलता मिलना आसान नहीं होता।









