ओडिशा में तीन नए इंटीग्रेटेड AYUSH अस्पताल और एक होम्योपैथिक शोध केंद्र खोला जाएगा

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ओडिशा सरकार तीन नए AYUSH अस्पताल खोलने और होम्योपैथिक शिक्षा–अनुसंधान को मजबूत करने की योजना बना रही है, जिससे राज्य में आयुष सेवाएँ और बेहतर होंगी। post

ओडिशा सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा और होम्योपैथिक शिक्षा को मजबूती देने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में तीन नए इंटीग्रेटेड AYUSH अस्पताल खोलने की योजना बनाई है। ये अस्पताल धेनकेनाल, बेरहमपुर और बालासोर में स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही राजधानी भुवनेश्वर स्थित डॉ. अभिन चंद्र होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक नए आपातकालीन वार्ड का उद्घाटन किया गया है और वहां होम्योपैथिक रिसर्च व विश्लेषण केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की गई है। यह जानकारी मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने एक भव्य समारोह में साझा की, जहाँ छात्रों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने कॉलेज के उन योगदानों की सराहना की जो पिछले 56 वर्षों में राज्य को सैकड़ों होम्योपैथिक चिकित्सक देने में सफल रहा है। उन्होंने दवा उत्पादन इकाई का भी निरीक्षण किया जो राज्य भर में होम्योपैथिक दवाओं की आपूर्ति करती है। वर्तमान में ओडिशा में चार सरकारी होम्योपैथिक कॉलेज और 562 आयुष डिस्पेंसरीज़ हैं, लेकिन इस नई घोषणा से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में भी आयुष चिकित्सा अधिक सुलभ होगी। सरकार का उद्देश्य है कि AYUSH को एक वैकल्पिक नहीं, बल्कि मुख्यधारा की स्वास्थ्य प्रणाली के रूप में स्थापित किया जाए, और यह तभी संभव है जब उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा शिक्षा, रिसर्च, और बुनियादी ढांचा एक साथ आगे बढ़े। ये नए संस्थान ओडिशा को पारंपरिक चिकित्सा और वेलनेस हब के रूप में नई पहचान दिलाएंगे और राज्य में सशक्त हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थापित करेंगे।