राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के किसान परिवार में जन्मे और पंजाब के फाजिल्का जिले में सरकारी होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत Dr. Gurmeet Singh Rai को अब उनकी सेवा भावना और चिकित्सा योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। AYUSH Legend Series के अंतर्गत उन्हें International AYUSH Conclave 2.0 (Goa, जुलाई 2025) में AYUSH Vikram Samman से नवाज़ा जाएगा।
डॉ. राय ने पाक बॉर्डर के पास स्थित गांव हिंदुमलकोट से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, और 1998 में DAV स्कूल श्रीगंगानगर से 12वीं कक्षा पास की। उन्होंने 2006 में अबोहर से BHMS की डिग्री पूरी की, जहाँ पढ़ाई के दौरान ही डॉ. चरणजीत सिंह के साथ प्रैक्टिस का अनुभव भी प्राप्त किया।
2007 में उन्होंने फाजिल्का के टाऊन मंडी लादुका में निजी क्लिनिक की शुरुआत की और 2014 में सरकारी सेवा में प्रवेश लिया। कोविड-19 महामारी के दौरान वे कोविड वैक्सीनेशन व सैंपलिंग के नोडल अधिकारी रहे, जिसके लिए उन्हें “बेस्ट कोविड वॉरियर” का खिताब भी मिला।2024 में उन्हें गणतंत्र दिवस पर पंजाब कैबिनेट मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया, और 2025 में वर्ल्ड होम्योपैथिक डे पर पंजाब सरकार द्वारा “बेस्ट होम्योपैथिक डॉक्टर (डिस्ट्रिक्ट)” का सम्मान प्राप्त हुआ। साथ ही, महाराष्ट्र के लोनावला में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुष गौरव सम्मान 2025 भी उन्हें प्रदान किया गया।Dr. Rai समय-समय पर BSF और Army के सिविक एक्शन प्रोग्राम में भी सेवाएं देते हैं। उनका चयन AYUSH Vikram Samman के लिए यह दर्शाता है कि सच्चे समर्पण और सेवा भाव से किया गया कार्य कैसे राष्ट्रीय मंच पर पहुंचता है।
Goa में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 150+ आयुष डॉक्टर, नीति निर्माता और पत्रकार भाग लेंगे — और Dr. Rai इस मंच पर पंजाब व होम्योपैथी चिकित्सा का नाम रौशन करेंगे।














