Opens this page in Google Translate in a new tab.

WHO ने भारत की AI‑based AYUSH नवाचारों को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी

Share on WhatsApp
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तकनीकी रिपोर्ट में भारत द्वारा AYUSH प्रणालियों में AI एकीकरण को वैश्विक संदर्भ में सराहा गया है—Ayurgenomics, SAHI, NAMASTE और अन्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को भी शामिल किया गया है।
WHO ने भारत की AI‑based AYUSH नवाचारों को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी

11–12 जुलाई 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, WHO ने अपनी पहली तकनीकी रिपोर्ट “Mapping the Application of Artificial Intelligence in Traditional Medicine” में भारत की AI‑based नवाचारों को प्रमुख रूप से स्थान दिया है। इस दस्तावेज़ में स्वस्थ्य मंत्रालय द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म जैसे SAHI Portal, NAMASTE Portal, Ayush Research Portal और Ayush Grid को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य तकनीकी पहलों के रूप में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में विशेष रूप से Ayurgenomics कार्यक्रम को उद्धृत किया गया है जो जीनोमिक्स और Ayurvedic प्र्रकृति परीक्षण के संयोजन पर आधारित है, जिससे व्यक्तिगत स्वास्थ्य अनुशंसा संभव हो रही है इस रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि AI‑सक्षम टूल्स जैसे मशीन लर्निंग आधारित निदान सिस्टम, पंख, जीभ और प्रकृति जांच का डेटा, और पारंपरिक चिकित्सा मानकों (रसा‑गुण‑वीर्य) के तुलनात्मक अध्ययन को वैश्विक मान्यता मिली है । तकनीकी रूप से विकसित TKDL तकनीक, भाषाई विश्लेषण व डेटा संरक्षण की पहलें भी WHO द्वारा सराही गई हैं Union Minister Prataprao Jadhav ने कहा कि यह भारत की traditional medicine प्रणालियों के AI‑driven विकास को विश्व स्वास्थ्य मानदंड में ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Secretary AYUSH, Rajesh Kotecha ने इसे भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता की पहचान करार दिया है यह कदम भारत को personalized, evidence‑based और globally accessible healthcare के पुल पर स्थापित करने में सहायक है।