डॉ. पॉल कहते हैं: बिना परिवार डॉक्टरों के, निरंतर देखभाल में भारी कमी — भारत में स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा अंतराल
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नई दिल्ली / नई दिल्ली, 25 जून 2025 —
NITI Aayog के स्वास्थ्य सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने एक महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में एक खतरनाक कमी का उल्लेख किया — परिवार-आधारित प्राथमिक देखभाल (family doctors) का अभाव और इसका परिणामस्वरूप रुग्णों में निरंतर देखभाल (continuity of care) का टूटना
Dr. Paul ने बताया कि भारत में वर्तमान डॉक्टर-रुग्ण अनुपात बहुत कम है। जहां WHO के अनुसार एक डॉक्टर प्रति 1,000 लोगों पर पर्याप्त है, वहीं Dr. Paul ने कहा कि भारत को विकसित देश बनने के लिए इस संख्या को 3 प्रति 1,000 निवासियों तक बढ़ाना चाहिए — और यह लक्ष्य उन्हें 2040 तक हासिल करना है
🎯 Concerns Highlighted | चिंताएँ:
• Specialist Shortage:
वर्तमान में भारत में General Surgeons, Psychiatrists और Cardiologists की भारी कमी है; उदाहरण के लिए, Cardiology में अंतर पूरा करने में 82 साल लग सकते हैं
• Medical Education Flaws:
MBBS पाठ्यक्रम में Mental Health, Geriatrics, Diabetes management जैसे विषयों की तैयारी सिर्फ 3–4 हफ्ते की ही होती है — ये क्षेत्रों को सुधारने की आवश्यकता है
🏥 Core Recommendation | प्रमुख प्रस्ताव:
• Family Medicine को प्राथमिकता दें:
भारत में नीचे 100 ही aise पोस्टग्रेजुएट सीटें हैं — Dr. Paul ने NMC से आग्रह किया कि Family Medicine की seats बढ़ाई जाएं, AIR Providers model जैसे AIIMS मॉडल अपनाए जाएँ
• Emergency Medicine की मजबूती:
ज्यादातर मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी विभाग अपर्याप्त हैं। Dr. Paul ने इन विभागों को अनिवार्य करने की मांग की
• Postgraduate pathways विस्तार:
डॉक्टर-रुग्ण अनुपात को बढ़ाने के लिए, डॉक्टरों की संख्या में तीन गुना बढ़ोतरी और PG सीटों का विस्तार आवश्यक है
🌍 National Implications | राष्ट्रीय प्रभाव:
• Loss of Long-Term Care: Continuity of care की कमी के कारण मरीज बार-बार अलग-अलग डॉक्टरों के पास पहुंचते हैं, जो स्वास्थ्य परिणामों पर असर डालता है।
• Healthcare Resilience: Family physicians और इमरजेंसी विशेषज्ञों की कमी भारत की स्वास्थ्य प्रणाली को कमजोर बना रही है।
• Education Reform Urgency: MBBS पाठ्यक्रम और PG सीटों में सुधार स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता में सुधार लाएगा।
📢 Ayush World Call to Action | आयुष वर्ल्ड की अपील:
👉 स्वास्थ्य पेशेवरों और नीतिनिर्माताओं को परिवार डॉक्टरों (Family Medicine) और इमरजेंसी मेडिसिन के PG प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की सलाह दें।
👉 MBBS पाठ्यक्रम में chronic care और mental health सत्रों को विस्तारित करना चाहिए।
👉 आम जनता से अपील — अपने आसपास family physicians और emergency care की आवश्यकता को समझें, स्वास्थ्य जगत में सुधार की मांग करें।









