कश्मीर की बहादुर आयुर्वेदिक डॉक्टर राफिया हसन को मिलेगा AYUSH Vikram Samman

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डॉ. राफिया हसन, जो कभी कश्मीर में पैदल चलकर टूर्नामेंट खेलने पहुँचीं, आज PCOD/PCOS जैसे रोगों का आयुर्वेदिक उपचार निःशुल्क कर रही हैं। अब उन्हें International AYUSH Conclave Goa 2025 में AYUSH Vikram Samman से सम्मानित किया जाएगा। post

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कश्मीर के अनंतनाग से आने वाली 32 वर्षीय डॉ. राफिया हसन को उनकी अद्भुत संघर्षशील यात्रा, आयुर्वेद सेवा, और बहुआयामी व्यक्तित्व के लिए International AYUSH Conclave – Goa Edition 2025 में AYUSH Vikram Samman से सम्मानित किया जाएगा।

एक ओर वे आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं, दूसरी ओर लेखक, खिलाड़ी, और मॉडल भी रही हैं। उन्होंने 8 एंथोलॉजी प्रकाशित की हैं और अपनी किताब "Prodigy Falls Ain’t No Downfall" भी रिलीज़ की है।

उनका संघर्ष केवल पेशेवर नहीं, सामाजिक और व्यक्तिगत भी रहा है। 2010 में जब कश्मीर में हड़ताल का माहौल था, वे पैदल चलकर हाईवे तक पहुँचीं, टैक्सी ली और फिर जम्मू से नागपुर ट्रेन पकड़कर नेशनल टेनिस बॉल क्रिकेट मैच में हिस्सा लिया जहाँ सभी राज्यों की टीमें थीं। बाद में वे बरेली में भी मैचों में शामिल रहीं और 2013 में जम्मू-कश्मीर टीम की कप्तान के रूप में समाचार पत्रों की सुर्खियाँ बनीं।

इसी के साथ उन्होंने B.Sc भी पूरा किया और NEET एवं JK-CET दोनों परीक्षाओं में चयनित हुईं। उन्हें Adesh Institute, Bathinda और फिर JIAR, Jammu में BAMS सीट मिली। यहीं पर सामने आई सबसे बड़ी चुनौती — हिंदी तक न जानने वाली राफिया को संस्कृत में पढ़ाई करनी पड़ी। सबने कहा छोड़ दो, पर उन्होंने इसे चैलेंज माना और पहले ही वर्ष संस्कृत में 83/100 अंक लाकर डिस्टिंक्शन के साथ पास किया।

पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने खुद के नोट्स बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे आयुर्वेद से उनका लगाव इतना बढ़ा कि आज वे PCOD/PCOS जैसी समस्याओं का निःशुल्क इलाज कर रही हैं।

2018 में वे Miss Empress Jammu & Kashmir बनीं। यह प्रतियोगिता केवल सुंदरता नहीं, बल्कि मानवता, सेवाभाव, और नेतृत्व का परीक्षण थी। 35 देशों के बीच से वे सेमीफाइनल तक पहुँचीं और राज्य के लिए टाइटल जीता। इस दौरान उन्हें धमकियाँ भी मिलीं, लेकिन उन्होंने रास्ता नहीं छोड़ा।

कोविड काल में जब सब घरों में थे, वे अकेली जम्मू में रहीं — बिना पंखे, बिना कूलर, बिना किसी सुविधा के — और वहीं से "Sing Dil Se" जैसे शो के लिए भी चुनी गईं। उन्हीं कठिन दिनों में उन्होंने खुद खाना न होने की हालत में भी दूसरों के लिए जीने का हौसला नहीं छोड़ा।

आज वे Allopathic हॉस्पिटल में RMO हैं, और साथ ही आयुर्वेदिक उपचार भी देती हैं, खासतौर पर PCOD/PCOS में उन्हें शानदार सफलता मिली है। वे दोनों चिकित्सा पद्धतियों को साथ लेकर चलती हैं — हॉस्पिटल में एलोपैथी, और व्यक्तिगत तौर पर आयुर्वेद।

2025 में उन्हें Rashtriya AYUSH Gaurav Award, Lonavala में भी नवाज़ा गया है। साथ ही वे Success Gyan - Super Speaker India का हिस्सा बनीं और Robert KiyosakiChetan Bhagat से प्रेरणा लेकर अपने मिशन को और धार दी।

AYUSH World परिवार की ओर से डॉ. राफिया हसन को इस संघर्षशील और प्रेरणादायक यात्रा पर हार्दिक शुभकामनाएँ और International AYUSH Conclave – Goa Edition में AYUSH Vikram Samman के लिए बहुत-बहुत बधाई।

आपको उज्जवल भविष्य और निरंतर सफलता की शुभकामनाएं!

📍 25–27 July 2025 | ITC Fortune Goa
🌐 internationalayushconclave.com