नई दिल्ली | AYUSH World
भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के बीच 24 मई 2025 को एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है, जिसके तहत पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों, विशेष रूप से सिद्ध चिकित्सा, को अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के वर्गीकरण (ICHI) में शामिल किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य है:
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सिद्ध चिकित्सा को वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे में वैज्ञानिक और मानकीकृत रूप से प्रस्तुत करना।
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अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी स्वीकार्यता और विश्वसनीयता बढ़ाना।
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भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल को "भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम" बताया है।














